ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम से कैसे बचें
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अच्छी डील रोमांचक लगती है — और स्कैमर्स इसी का फ़ायदा उठाते हैं। वही जल्दबाज़ी जो आपको डील पकड़ाती है, वही सुरक्षा जाँच छुड़ा देती है। असली बचत और जाल में फ़र्क़ पहचानें।
बढ़ी हुई कीमत का खेल
सबसे आम "नकली डील" असल में मार्कअप होती है — विक्रेता पहले कीमत बढ़ाता है, फिर उसी बढ़ी कीमत पर बड़ा डिस्काउंट दिखाता है। खुश होने से पहले प्राइस हिस्ट्री ज़रूर देखें।
फ़र्ज़ी स्टोर के रेड फ़्लैग
- हर जगह से बहुत ज़्यादा कम कीमत।
- कोई स्पष्ट रिटर्न पॉलिसी, पता या सपोर्ट नहीं।
- सिर्फ़ प्रीपेड पेमेंट, कोई COD नहीं, और भारी अर्जेंसी।
- स्पेलिंग ग़लतियाँ, कॉपी की हुई फ़ोटो, बिल्कुल नया डोमेन।
अगर किसी अनजान साइट पर डील "सच होने के लिए बहुत अच्छी" लगे, तो वो लगभग हमेशा नकली होती है।
फिशिंग और "इनाम जीतें" स्कैम
- रैंडम SMS या WhatsApp के कैशबैक/इनाम लिंक पर कभी क्लिक न करें।
- असली रिफ़ंड के लिए कभी UPI PIN या OTP नहीं माँगा जाता।
- पैसे लेने के लिए PIN नहीं डालते — सिर्फ़ भेजने के लिए।
वहीं खरीदें जहाँ सुरक्षा हो
भरोसेमंद मार्केटप्लेस और ब्रांड स्टोर से ही खरीदें — वहाँ बायर प्रोटेक्शन, आसान रिटर्न और शिकायत निवारण मिलता है।
आपकी सुरक्षा चेकलिस्ट
- प्राइस हिस्ट्री जाँचें।
- विक्रेता की रेटिंग और रिटर्न पॉलिसी देखें।
- प्रोटेक्शन वाले तरीक़े से पेमेंट करें।
- OTP, PIN या CVV कभी किसी से शेयर न करें।
शांत रहें, जाँच करें — और स्कैम आपके पास से गुज़र जाएँगे जबकि असली डील आपके हाथ रहेंगी।
Written by
loot nagri